7 महीने की बच्ची के साथ पड़ोसी ने किया दुष्कर्म, कोर्ट ने 24 घंटे में दिलवाया मुआवजा

7 महीने की बच्ची के साथ पड़ोसी ने किया दुष्कर्म, कोर्ट ने 24 घंटे में दिलवाया मुआवजा

अलवर.जिले में सात माह की अबोध बच्ची से दुष्कर्म के मामले में ज्यूडिशियरी का बेहद संवेदनशील होकर न्यायिक उपचार देने का अनूठा मामला सामने आया है। जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्वकालिक सचिव एसीजेएम पवन जीनवाल द्वारा महज 24 घंटे के भीतर पीड़िता को ढाई लाख रुपए की आर्थिक प्रतिकर सहायता राशि उपलब्ध करवाई गई।

– एसीजेएम पवन ने शुक्रवार को अलवर के जिला अस्पताल में भर्ती मासूम बच्ची के परिजनों को यह सहायता राशि सौंपी। प्रदेश में इतने कम वक्त में दुष्कर्म पीड़िता को अधिकतम मुआवजा दिलवाने का यह पहला मामला है।

बच्ची को खिलाने के बहाने ले गया पड़ौसी, फिर दुष्कर्म
– इस संबंध में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अलवर स्थित कार्यालय में 10 मई को सुबह 12 बजे राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2011 के अंतर्गत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत हुआ था।

– जिसमें बताया गया कि अलवर के लक्ष्मणगढ़ तहसील में गांव हरसाना में 9 मई 2018 की रात को सात माह की अबोध बच्ची से नशे में धुत एक पड़ौसी व्यक्ति पिंटू ने दुष्कर्म किया था। घटना के वक्त बच्ची की मां पानी लेने गई थी।

– तब मासूम बच्ची अपनी दृष्टिहीन नानी के पास थी। तब आरोपी बच्ची को गोद में खिलाने के बहाने ले गया। इसके बाद दुष्कर्म किया और उसे लावारिस छोड़कर भाग निकला।

– घटना का पता चलने पर डीएलएसए, अलवर के पूर्णकालिक सचिव पवन जीनवाल ने गुरुवार को अस्पताल पहुंचकर बच्ची के परिजनों से बातचीत कर जानकारी जुटाई। एसीजेएम पवन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एसपी व कलेक्टर से बातचीत कर वस्तुस्थित जानीं।

पुलिस, जिला प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों की मीटिंग में प्रस्ताव पारित

– एसीजेएम पवन ने इसकी रिपोर्ट राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोज कुमार व्यास को दी। इसके बाद तत्काल अलवर के पुलिस, प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारियों की मीटिंग बुलाई। जिसमें पीड़िता बच्ची को राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम, 2011 के अंतर्गत दी जाने वाली अधिकतम ढाई लाख रुपए की अंतरिम आर्थिक प्रतिकर सहायता देने का प्रस्ताव पारित करवाया।

– इसके बाद शुक्रवार को यह रकम दुष्कर्म पीड़िता बच्ची के परिजनों को सौंप दी गई। एसीजेएम पवन जीनवाल ने बताया कि न्यायपालिका द्वारा अपराधियों को दंडित करने के अतिरिक्त अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को इतने कम वक्त में आर्थिक रुप से सहायता करने का यह उत्कृष्ट उदाहरण है।

– इस मौके पर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी भगवान सहाय और प्राधिकरण के कनिष्ठ सहायक उपेंद्र शर्मा व पैरा लीगल वोलेंटियर संदीप शर्मा व मुस्तफा खान मौजूद रहे।

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