तहसीलदार पर हमला, डेढ़ घंटे तक छुपे रहे, पुलिस ने 36 घंटे बाद गिरफ्तार नहीं किए आरोपी

तहसीलदार पर हमला, डेढ़ घंटे तक छुपे रहे, पुलिस ने 36 घंटे बाद गिरफ्तार नहीं किए आरोपी

रामगढ़ तहसील में लॉक डाउन की पालना कराने गए कार्यवाहक तहसीलदार मांगीलाल मीना व उनके साथियों पर हमला हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बटेसरा गांव में शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने तहसीलदार की टीम पर पथराव शुरू कर दिया। घटना की सूचना पाने के बाद MIA थानाधिकारी फोर्स सहित मौक पर बुलाया। लेकिन डेढ़ घंटे तक मदद नहीं पहुंची। उनसे पहले बटेसरा लोगों की भीड़ आ पहुंची और समझाइश के बावजूद स्टाफ से जमकर हाथापाई की। तहसीलदार व कर्मचारियों ने जैसे-तैसे भागकर MIA थाना में शरण लेकर जान बचाई। हद यह रही कि आरोपियों की गिरफ्तारी की बजाय पुलिस दूसरे दिन तक मामले को छिपाए रही। कार्रवाई नहीं होती देख खुद तहसीलदार ने घटना का खुलासा किया।तहसीलदार मांगीलाल मीना ने बताया कि घटना की प्रथम सूचना रिपोर्ट उन्होंने लिखित में पुलिस को दी, लेकिन थाना प्रभारी ने FIR दर्ज करने में ही शाम के 4 बजा दिए। घटना के 36 घंटे बाद तक आरोपी गिरफ्तार नहीं किए।

यह था मामला

तहसीलदार मीना के अनुसार एसडीएम के निर्देश पर वे लॉकडाउन में धारा 144, रमजान व आखातीज पर भीड़ ना करने की समझाइश करने अलवर में MIA थाना क्षेत्र के गांवों का दौरा कर रहे थे। इसी बीच बटेसरा गांव के समीप अवैध खनन के पत्थरों से भरा ट्रैक्टर लेकर आ रहा एक व्यक्ति कार्रवाई के डर से ट्रैक्टर बीच सड़क पर छोड़ गांव में भागने लगा। हमने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसने फोन कर गांव वालों को बुलाना शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ते देख उन्होंने MIA थानाधिकारी शिवराम गुर्जर को सूचना दी और पुलिस जाब्ता मंगाया। मगर डेढ़ घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची। तब तक बड़ी संख्या में जुटी भीड़ ने तहसीलदार के दल पर पथराव कर दिया। सरकारी वाहन के शीशे तोड़ दिए। उन्होंने बचाव करते हुए ग्रामीणों को कहा कि वे अवैध खनन के ट्रैक्टर पकड़ने नहीं आए हैं। इसके बावजूद लोगों ने एक सहायक कर्मचारी को पकड़ लिया और हाथापाई कर डाली। टीम ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। इधर, घटना को लेकर MIA थानाधिकारी शिवराम गुर्जर ने कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।

गलत नाम बता छिपाई आरोपी की पहचान 

कार्यवाहकर तहसीलदार मीना ने बताया कि एमआईए थाना क्षेत्र के गोलेटा पहाड़ से अवैध खनन का पत्थर चोरी कर ला रहे ट्रैक्टर चालक इशाक पुत्र दीना मेव, उसके भाई असगर खां, मौसम खां तथा आसू मेव निवासी बटेसरा के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। मीना ने बताया कि आरोपियों को बचाने के लिए ग्रामीणों ने मुख्य आरोपी ट्रैक्टर चालक का गलत नाम बता प्रशासन को गुमराह भी किया। शनिवार को जब हल्का पटवारी ने पड़ताल की तो पता चला कि इशाक पुत्र दीना मेव नाम का व्यक्ति तो काफी समय पहले मर चुका है। मुख्य आरोपी उसके कुटुंब का ही कोई व्यक्ति है।

रेनु मीना, रामगढ़ SDM का बयान
रामगढ़ तहसीलदार को कानून पालना कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में भेजा गया था। यहां कुछ लोगों ने उन पर पथराव व हमला कर दिया। राजकीय वाहन को नुकसान पहुंचाया। घटना की FIR दर्ज हो चुकी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उपाधीक्षक से बात करूंगी।

अलवर ब्यूरो

अलवर ब्यूरो