Lockdown 3: कौन होंगे रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन, ये ऐसे होगा तय, ये छूट मिलेंगी

Lockdown 3: कौन होंगे रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन, ये ऐसे होगा तय, ये छूट मिलेंगी

Lockdown 3: देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के मामलों की संख्‍या में लगातार बढ़ातरी हो रही है. शुक्रवार तक देश में कोविड 19 के 35365 मामले सामने आ चुके हैं. इस खतरे को देखते हुए देश में 3 मई को खत्‍म हो रहा लॉकडाउन दो हफ्ते के लिए बढ़ा दिया गया है. गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी करते हुए आवश्‍यक दिशानिर्देश जारी किए हैं. इनमें रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन के वर्गीकरण के बारे में भी बताया गया है. सथ ही यह भी जानकारी दी गई है कि इन जोन में किन-किन चीजों की छूट मिलेगी.

ऐसे होगा वर्गीकरण
Lockdown 3:आदेश में कहा गया है कि ग्रीन जोन के अंतर्गत वो जिले आएंगे जहां अब तक कोरोना वायरस के एक भी मामले नहीं आए या जहां पिछले 21 दिनों में कोई नया मामला सामने नहीं आया. रेड जोन के रूप में जिलों का वर्गीकरण करने के लिए सक्रिय मामलों की कुल संख्या, पुष्ट किए गए मामलों की दोगुनी होती दर, जिलों से परीक्षण और निगरानी फीडबैक की सीमा को ध्यान में रखा जाएगा. वे जिले, जिन्हें न रेड और न ही ग्रीन जोन में रखा जाएगा, वे सभी जिले ऑरेंज जोन के अंतर्गत आएंगे.

कोविड 19 संक्रमण फैलने को लेकर देश के सबसे संवेदनशील इलाकों को कंटेनमेंट जोन कहा जाता है. यह रेड और ऑरेंज जोन में आते हैं. ये ऐसे क्षेत्र हैं, जहां संक्रमण फैलने का खतरा सर्वाधिक होता है. रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में सोशल डिस्‍टेंसिंग और सुरक्षा उपायों के साथ ओपीडी और मेडिकल क्लीनिक खोलने की अनुमति रहेगी. हालांकि कंटेनमेंट जोन में यह भी बंद रहेंगे.

रेड जोन में रहेगी ये छूट

Lockdown 3: रेड जोन में प्रतिबंध के साथ कुछ गतिविधियों की अनुमति दी गई है. चौपहिया वाहनों में अधिकतम 2 व्यक्तियों (ड्राइवर के अलावा) के साथ और दो पहिया वाहन में एक व्‍यक्ति को आवाजाही की अनुमति है. शहरी क्षेत्रों में औद्योगिक प्रतिष्ठान, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), निर्यात उन्मुख इकाइयां (ईओयू), औद्योगिक एस्‍टेस्‍ट और टाउनशिप की अनुमति दी गई है.

अन्य औद्योगिक गतिविधियों में दवाओं, फार्मास्युटिकल्स, चिकित्सा उपकरणों, उनके कच्चे माल और मध्यवर्ती सहित आवश्यक वस्तुओं की विनिर्माण इकाइयों को काम करने की अनुमति है. वे उत्पादन इकाइयां जिन्हें निरंतर प्रक्रिया, और उनकी आपूर्ति श्रृंखला की आवश्यकता होती है, आईटी हार्डवेयर का निर्माण, जूट उद्योग और, पैकेजिंग सामग्री की निर्माण इकाइयां काम कर सकेंगी.

शहरी क्षेत्रों में गैर-जरूरी सामान के लिए मॉल, बाजार और बाजार परिसरों में दुकानें खोलने की अनुमति नहीं है. हालांकि, सभी स्टैंडअलोन (सिंगल) दुकानें, पड़ोस (कॉलोनी) की दुकानों और आवासीय परिसरों में दुकानों को शहरी क्षेत्रों में खुले रहने की अनुमति है.

रेड जोन में ई-कॉमर्स गतिविधियों को केवल आवश्यक वस्तुओं के संबंध में अनुमति दी गई है. यानी ऑनलाइन शॉपिंग सिर्फ जरूरी सामान की हो पाएगी. निजी कार्यालय आवश्यकता के अनुसार 33% कर्मचारियों के साथ काम कर सकते हैं. बाकी को घर से काम करना होगा.

रक्षा और सुरक्षा सेवाएं, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, पुलिस, जेल, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, आग और आपातकालीन सेवाएं, आपदा प्रबंधन और संबंधित सेवाएं, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), सीमा शुल्क, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), नेहरू युवा केंद्र (एनवाईके) और नगरपालिका सेवाएं बिना किसी प्रतिबंध के कार्य करेंगी. सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी और इसके लिए आवश्यक कर्मचारी तैनात किए जाएंगे.

मनरेगा कार्यों, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और ईंट-भट्टों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सभी औद्योगिक और निर्माण गतिविधियों की अनुमति है. वित्तीय क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा खुला रहेगा. इसमें बैंक, गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियां (एनबीएफसी), बीमा और पूंजी बाजार की गतिविधियां, और सहकारी समितियां शामिल हैं. सार्वजनिक सेवाओं जैसे, बिजली, पानी, स्वच्छता, कूड़ा प्रबंधन, दूरसंचार और इंटरनेट, कूरियर और डाक सेवाओं को संचालित करने की अनुमति है.

ऑरेंज और ग्रीन जोन में यह होगी अनुमति

Lockdown 3: ऑरेंज जोन में रेड जोन में दी गई सभी अनुमतियों के अलावा टैक्सी और कैब कंपनियों को केवल 1 ड्राइवर और 2 यात्री के साथ काम की अनुमति होगी.

ग्रीन जोन में उन सभी चीजों को छोड़कर सभी कार्यों की अनुमति होगी, जिनपर देश भर में प्रतिबंध लागू है. बसें 50% तक बैठने की क्षमता के साथ काम कर सकती हैं और बस डिपो 50% क्षमता पर चल सकते हैं.

अलवर ब्यूरो

अलवर ब्यूरो
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