Engineer Rahul Death: 3 साल की अवनी अपने पापा के लिए मांग रही न्याय, सो रहा सिस्टम

Engineer Rahul Death: 3 साल की अवनी अपने पापा के लिए मांग रही न्याय, सो रहा सिस्टम

Engineer Rahul Death: सरकारी सिस्टम की लापरवाही के चलते इंजीनियर राहुल शर्मा (Engineer Rahul Death) की मौत हो गई। राहुल की मौत 22 मई को हुई थी, एक महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है, लेकिन राहुल के परिजनों को न्याय नहीं मिला। घर में तीन साल की बेटी अवनी पापा का इंतजार करती है। अवनी को पता नहीं की पापा कहां है, पूछने पर बताती है, पापा हॉस्पिटल हैं जल्दी ठीक होकर आएंगे। अवनी भूल जाती है फिर उनकी मां और दादा जी बहाना बनाकर कुछ और बता देते हैं। लेकिन अवनी को पता नहीं उसके पापा अब इस दुनिया में नहीं है और वह यह भी नहीं जानती की हमारा सिस्टम कितना सड़ा हुआ है। एक महीने से ज्यादा का वक्त के बाद भी सरकारी सिस्टम न्याय नहीं कर पाया है। पहले तो सरकारी सिस्टम की वजह से राहुल की जान चली जाती है और उसके बाद वही सरकारी सिस्टम मौत पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है।

राहुल के परिजनों को न्याय के लिए सड़क के फुटपाथ पर भी बैठकर न्याय की भीख मांगनी पड़ रही है। 22 जून से इंजीनियर राहुल की 3 साल की बेटी अनवी व उनकी पत्नी शहीद स्मारक के सामने धरने पर बैठी है। शुक्रवार से बेटी के हाथों हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। शहर के लोग भी हस्ताक्षर कर इंजीनियर के परिवार को न्याय की मांग करने लगे हैं। लेकिन अब तक सरकार व प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली है। जनप्रतिनिधि भी राहुल शर्मा के परिवार को न्याय दिलाने के लिए आए हैं, लेकिन अब तक उनकी सुध नहीं ली है।

Engineer Rahul Death
Engineer Rahul Death: 22 जून से राहुल के परिजन धरने पर बैठे हैं

राहुल की बेटी अब कहने लगी है कि पापा जयपुर गए हैं और मेरे लिए खिलौने लेकर आएंगे। अवनी की मां की आखों के आसूं नहीं सूख रहे हैं। उनकी आखें नम रहती और अफसोस की बात है कि अब उन्हें न्याय के उन्हें धरने पर बैठना पड़ रहा है। सरकारी सिस्टम का यह कैसा रवैया है? पहले राहुल की मौत कर देते हैं और परिजनों की सुध तक नहीं ले रहे हैं। इतनी भीषण गर्मी में परिवार पर क्या बीत रही होगी? यह सिस्टम को सोचना चाहिए।

Engineer Rahul Death: राहुल की मौत कैसे हुई 
राहुल कोरोना से संक्रमित थे। उनका इलाज सानिया हॉस्पिटल अलवर में चल रहा था। हालत बिगड़ने पर उन्हें जयपुर रैफर किया गया। अलवर के जिला अस्पताल से एडवांस एंबुलेंस बुलाई गई। जयपुर जाते वक्त रास्ते में दौसा के पास एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म हो गई। जिसके बाद राहुल की हालात और बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। इसमें गलती सरकारी एंबुलेंस की रही, जिन्होंने मरीज ले जाने से पहले ऑक्सीजन मात्रा चेक नहीं की। एंबुलेंस में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं थी। जिस कारण राहुल की ऑक्सीजन ना मिलने के कारण मौत हो गई। राहुल के पिता, भाई व परिवार के सब लोग उसके दोषियों को सजा देने की मांग करते आ रहे हैं। राहुल को न्याय दिलाने के लिए आप इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

LALIT YADAV

ललित यादव  'The Alwar News' से जुड़े हैं। ऑनलाइन पत्रकारिता में काम करने का पांच वर्ष का अनुभव है। दिल्ली के कई मीडिया संस्थान में काम कर चुके हैं।
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