Kotkasim ITI: गांव वालों ने जेब से 20 लाख का रास्ता खरीदा, 2 साल बाद भी शुरू नहीं हुआ निर्माण कार्य

Kotkasim ITI: गांव वालों ने जेब से 20 लाख का रास्ता खरीदा, 2 साल बाद भी शुरू नहीं हुआ निर्माण कार्य

Kotkasim: साल 2019 में कोटकासिम क्षेत्र में एक बड़ी 8 ट्रेड की आईटीआई की घोषणा की गई। उसी समय वसुंधरा सरकार ने इसके लिए स्वीकृत राशि 10 करोड़ 70 लाख रु पीडब्लूडी को जारी कर दिया गया था। लेकिन अफसोस की बात यह है कि 2 साल बीत जाने के बाद यहां आज तक एक ईट-पत्थर तक नहीं लग सका। क्षेत्र के जौड़िया गांव में जब आईटीआई की घोषणा हुई तब ग्रामीणों को इतनी खुशी हुई कि उन्होंने जनसहयोग से 20 लाख रूपए एकत्रित कर आईटीआई के लिए बढ़िया रास्ते का प्रबंध किया। लेकिन अब यह कार्य एक छोटी सी स्वीकृति के लिए अटका हुआ है। एक स्वीकृति मिलते ही यहां कार्य शुरू हो सकता है।

जिले की तीसरी सबसे बड़ी आईटीआई होगी
अलवर व बहरोड़ के बाद जिले की सबसे बड़ी आईटीआई कोटकासिम क्षेत्र में स्वीकृत है। यहां करीब 08 ट्रेड की पढ़ाई करवाई जाएगी। इससे क्षेत्र के बच्चों की दूसरे शहरों में जाकर आईटीआई करने की समस्या खत्म हो जाएगी। साथ क्षेत्र के लोगों को इसका पूरा लाभ मिलेगा। इंड्रस्ट्रियल क्षेत्र में आईटीआई वालों को पूरी प्राथमिकता मिलती है। इससे क्षेत्र के बच्चें अक्सर दूसरे शहरों में जाकर आईटीआई करते हैं। लेकिन अगर इस आईटीआई के निर्माण की जल्द स्वीकृति मिलती है यहां के बच्चों को अच्छा लाभ मिलेगा। उन्हें अपने क्षेत्र में रहकर आईटीआई करने का मौका मिलेगा और उनका समय भी बचेगा।

खर्च में भी 65 लाख का इजाफा
मंहगाई बढ़ी तो स्वीकृत आईटीआई निर्माण राशि में भी 65 लाख का इजाफा हो गया। जून 2019 में इसके लिए 10 करोड़ 70 लाख रुपए की राशि जारी हो चुकी है। लेकिन 2 साल बाद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने की वजह से अब इसके निर्माण कार्य में होने वाले खर्च में 65 लाख की बढ़ोत्तरी भी हो गई। निर्माण कार्य शुरू करवाने के लिए पीडब्लूडी कार्यालय को ओर से कई बार उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है लेकिन विभागीय स्वीकृति अभी तक नहीं मिली है।

आईटीआई विकास समिति ने सौंपा ज्ञापन
पूर्ववर्ती सरकार ने 2019 में आईटीआई निर्माण के लिए 10 करोड़ 70 लाख रूपए की राशि स्वीकृत की थी। वर्तमान में पीडब्ल्यूडी विभाग ने 11 करोड़ 35 लाख रूपए संशोधित लागत आने का प्रस्ताव राज्य विभाग को भेजा है। कई बार कोटकासिम पीडब्लूडी विभाग ने इस संबंध में संबंधित विभाग को पत्र लिखकर इस पर काम शुरू करने की स्वीकृति मांगी है। लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। इस संबंध में शुक्रवार को आईटीआई विकास समिति ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा है। समिति के अध्यक्ष सुधीर यादव ने कहा कि यहां जल्दी स्वीकृति दिलवाने के लिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। समिति के सचिव चंद्रशेखर ने कहा आईटीआई के लिए सब जरूरी प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद भी इसको निर्माण के लिए स्वीकृति नहीं मिल रही है। अगर जल्दी यहां कार्य शुरू होता है तो कोटकासिम क्षेत्र के बच्चों को इसका पूरा लाभ मिलेगा।

LALIT YADAV

ललित यादव  'The Alwar News' से जुड़े हैं। ऑनलाइन पत्रकारिता में काम करने का पांच वर्ष का अनुभव है। दिल्ली के कई मीडिया संस्थान में काम कर चुके हैं।
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