REET: अलवर से पकड़ा गया नकल कराने वाला गिरोह, 8 लाख रु में हुई थी डील

REET: अलवर से पकड़ा गया नकल कराने वाला गिरोह, 8 लाख रु में हुई थी डील

REET:रीट परीक्षा लीक मामले को लेकर रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं। गुरुवार को अलवर पुलिस ने डमी केंडिडेट गिरोह का खुलासा किया है। जो 8-8 लाख रुपए लेकर परीक्षा पास करवाते थे। पुलिस ने बिहार के 4 और एक भरतपुर के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। मुख्य सरगना बिहार का है। साथ ही जयपुर के एक बिचौलिए को भी पकड़ा है। भरतपुर के अभ्यर्थी की जगह डमी केंडिडेट परीक्षा नहीं दे सका तो वह खाली चेक, स्टॉम्प और अंकतालिका लेने पहुंचा। तब पुलिस ने योजना के अनुसार इस डमी केंडिडेट को गिरफ्तार किया। गिरोह में कुछ लोग और है जो पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

राजगढ़ थानाधिकारी के मुताबिक राजगढ़ के त्रिवेणी उच्च माध्यमिक स्कूल में चेकिंग के लिए कांस्टेबल दयाराम की ड्यूटी थी। जो एक-एक परिक्षार्थी को चेक कर परीक्षा केन्द्र में जाने दे रहा था। इसी दौरान भरतपुर का एक अभ्यर्थी वीरपाल सिंह आया। जिसका एडमिट कार्ड चेक किया। उसे दूसरा एडमिट कार्ड लाने को कहा गया। तब जाकर उसे परीक्षा केन्द्र में प्रवेश दिया गया। इस अभ्यर्थी पर पुलिस को शक हुआ तो उस पर नजर रखी गई। लेकिन परीक्षा के बाद यह अभ्यर्थी भीड़ में से निकल गया।

29 सितम्बर को चढ़ा पुलिस के हत्थे
पुलिस वीरपाल की तलाश में जुटी रही। फिर मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने वीरपाल को सिंकदरा रोड पर दूसरे व्यक्ति के साथ रीट परीक्षा में लेन-देन की बाते करते हुए सुना गया। मौका पाकर सादे वर्दी में रेकी कर रहे पुलिसकर्मी ने वीरपाल को पकड़ा चाहा तो वह भागने लगा। लेकिन उनकी कार स्टार्ट नहीं हो सकी। और पुलिस ने कार में बैठे वीरपाल को दबोच लिया। पूछताछ में उसने खुद का नाम रामफूल गुर्जर निवासी जयपुर बताया। जो वीरपाल की जगह डमी कैंडिडेट बैठाने वाला था। लेकिन डमी नहीं पहुंचा तो वीरपाल ने चेक वापस लेने का दबाव बनाया। जो गिरोह के सदस्य नहीं दे रहे थे। उल्टा यह कह रहे थे कि एग्जाम में पास करा देंगे। परिणाम आने के बाद ही कागज व चेक लौटाए जाएंगे।

वीरपाल ने उगले सारे राज
इसके बाद पुलिस ने वीरपाल से सख्ती से पूछताछ की तो बताया कि रामफूल ने बिहार के रहने वाले हेमंत व राजू सहित कुछ लोगों को परीक्षा पास कराने के नाम पर चेक व मूल दस्तावेज दिए हैं। इन्होंने ऐसे अनेक अभ्यर्थियों के साथ किया है। इसके बाद रामफूल से सख्ती से पूछा तो बताया कि उसने बताया हेमंत उसके साथी राजू मिलकर यही काम करता है। अभ्यर्थियों की जगह डमी कैंडिडेट बैठाता है। 8 लाख रुपए रीट में देना तय है। जिसके लिए पहले ही अभ्यर्थी के मूल दस्तावेज, स्टाम्प व चेक जमा कर लिए।

30 सितम्बर को टहला बाइपास पर मिले
इसके बाद पुलिस को मुखबिर की सूचना पर टहला बाइपास पर एक कार में तीन युवकों के बैठे होने की सूचना मिली। पुलिस वहां पहुंची तो पहले तो संतोषजन जवाब नहीं दिया। फिर बाद में कहा कि वे वीरपाल को छुड़वाने आए हैं। उनके कब्जे से 8 मोबाइल, दो टेबलेट, चेक व मार्कशीट मिली हैं। ये पकड़े गए लोग गिरोह के मुख्य हैं और डमी कैंडीडेट हैं।

ये हो चुके हैं गिरफ्तार, चार बिहार के
रामफूल गुर्जर, पुत्र मंगलराम गुर्जर, निवासी मारवाड़ा कच्ची बस्ती जयपुर,
वीरपाल सिंह पुत्र भग्गी सिंह, निवासी बयाना भरतपुर
राज उर्फ बंटी पुत्र कौशेंद्र निवासी गोटिया नालंदा बिहार,
नीरज कुमार पुत्र विजेंद्र निवासी लंगडिया विगाहा दीप नगर नालंदा बिहार
राहुल कुमार पुत्र भोला प्रसादी निवासी दीहरा लक्खीसराय बिहार
रवि कुमार पुत्र युगल प्रसाद निवासी माटिहानी, मोहनपुरा गया बिहार।

LALIT YADAV

ललित यादव  'The Alwar News' से जुड़े हैं। ऑनलाइन पत्रकारिता में काम करने का पांच वर्ष का अनुभव है। दिल्ली के कई मीडिया संस्थान में काम कर चुके हैं।
Shares