भिवाड़ी जिले के ये 4 थाने रहे टॉप पर, सबसे फिसड्डी रहा बहरोड़ थाना

भिवाड़ी जिले के ये 4 थाने रहे टॉप पर, सबसे फिसड्डी रहा बहरोड़ थाना

जब कोई घटना या वारदात होती है तो लोग सबसे पहले पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े करते हैं। पुलिस अपनी 24 घंटों की सेवा के दौरान कई तरह के लोगों से मिलती है। इनमें वह अच्छे से बुरे लोगों की बात सुनती है। लेकिन जब बात पुलिस की छवि की होती है तो मुख्यत: लोग पुलिस को लेकर नेगेटिव धारणा रखते हैं। लेकिन पुलिस ही एक ऐसी सेवा है जिसमें वह सबसे पहले पीड़ित पक्ष से सबसे पहले मुलाकात करती है। पुलिस ही सबसे पहले उस भावना से जुड़ती होती है जहां परेशानी होती है। इसका असर पुलिस की मानसिक स्थिति पर भी होता है। फिर भी वह अपनी परेशानी को अनदेखा कर अपनी ड्यूटी करते हैं।

अब बात करते हैं भिवाड़ी पुलिस की, जिसका नेतृत्व एसपी राममूर्ती जोशी जी करते हैं। इनकी छवि एक ईमानदार पुलिस ऑफिसर की है। अपने काम को लेकर किसी भी तरह की कमी रखना इनको पसंद नहीं है। इनकी पूरी टीम यानी भिवाड़ी जिले के 19 थानों के सीओ भी इनके आदेशों के अनुसार काम करते हैं तभी यहां मुकदमों के निस्तारण में तेजी आई है।

19 थानों में चार थाने रहे टॉप पर
साल 2020 की में थानों में दर्ज हुए मामलों में शीघ्रता से निपटारा और कार्रवाई करने में भिवाड़ी पुलिस के 19 थानों में से चार थाने टॉप पर रहे हैं। इसकी जानकारी एसपी राममूर्ति जोशी द्वारा जारी किए पैंडेंसी रिपोर्ट कार्ड से मिलती है। साल 2020 में इन 19 थानों में 9181 मुकदमें दर्ज हुए, इनमें से 6934 मामलों में पुलिस अपनी तत्परता से इनका निपटारा कोर्ट के माध्यम से कर चुकी है। अब भिवाड़ी पुलिस के पास साल 2020 के 2247 मुकदमें ही पेंडिंग हैं।

ये थाने रहे टॉप पर
दर्ज मामलों को त्वरित रूप से निस्तारण करने के मामले में तिजारा तहसील के शेखपुर अहीर थाना पहले नंबर पर रहा। यहां साल 2020 में कुल 329 मामले दर्ज हुए। इनमें से 317 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। केवल 12 मुकदमें बचे हुए हैं जिनमें अनुसंधान चल रहा है। यहां केवल पैंडिंग मामले 4% है। वहीं दूसरे नंबर पर मांढ़ण थाना रहा जिसमें पैंडिंग मामले 7% है। तीसरे नंबर पर चौपानकी थाना जिसमें 8.36 फीसदी व चौथे नंबर पर मुंडावर थाने में 9.04 फीसदी मुकदमे पैंडिंग हैं।

बहरोड़ थाने का रिपोर्ट रही सबसे खराब
बहरोड़ थाने इस रिपोर्ट में सबसे फिसड्डी रहा। यहां 60 प्रतिशत मामले पेंडिग हैं। साल 2020 में बहरोड़ थाने में सबसे ज्यादा 1079 मुकदमे दर्ज हुए। पैंडेंसी के मामले में यहां का आंकड़ा 59.33 फीसदी है। सर्वाधिक मुकदमों के मामलों में भिवाड़ी थाना 864 मुकदमों के साथ दूसरे नंबर पर रहा लेकिन यहां पैंडेंसी का ग्राफ 16.68% है। भिवाड़ी थानों में मुकदमों का निस्तारण रिकोर्ड रहा।

भिवाड़ी एसपी राममूर्ति जोशी अव्वल रहे थानों के थानाध्यक्षों को सम्मानित करेंगे। इनमें अव्वल रहे शेखपुर थाना प्रभारी रामकिशोर, मांढण थाना प्रभारी मुकेश कुमार, चौपानकी थाना प्रभारी मुकेश कुमार व मुंडावर थाना प्रभारी लक्ष्मीकांत शर्मा को 2100-2100 रुपए व प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसी तरह लोकल व स्पेशल एक्ट में निर्धारित लक्ष्य से अधिक कार्रवाई करने वाले चौपानकी थाना प्रभारी मुकेश कुमार, तिजारा थाना प्रभारी जितेन्द्र सिंह, खुशखेड़ा थाना प्रभारी रमाशंकर व खैरथल थाना प्रभारी दारा सिंह को भी 2100 रुपए व प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

निर्धारित कार्रवाई से आगे बढ़कर काम करने के मामले में चार थाने अव्वल रहे। इनमें चौपानकी थाने ने 28.02, तिजारा ने 18.03, खुशखेड़ा ने 13.59 व खैरथल ने 10.40 फीसदी अधिक कार्रवाई की। वहीं बानसूर, बहरोड़ व नीमराना थाने की परफार्मेंस सबसे खराब रही।

LALIT YADAV

ललित यादव  'The Alwar News' से जुड़े हैं। ऑनलाइन पत्रकारिता में काम करने का पांच वर्ष का अनुभव है। दिल्ली के कई मीडिया संस्थान में काम कर चुके हैं।
Shares