Lakhimpur Kheri: सुप्रीम कोर्ट ने लिया हिंसा पर लिया स्वत: संज्ञान, आज होगी सुनवाई

Lakhimpur Kheri: सुप्रीम कोर्ट ने लिया हिंसा पर लिया स्वत: संज्ञान, आज होगी सुनवाई

Lakhimpur Kheri: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को लखीमपुर हिंसा में स्वत: संज्ञान लिया। इस घटना में केन्द्रीय मंत्री के बेटे पर किसानों को कुचलने का आरोप है। इस घटना में चार किसानों की मौत हो गई थी जबकि हिंसा में चार अन्य लोग भी मारे गए थे। गुरुवार को इस मामले की सुनवाई सीजेआई एनवी रमना की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। इसमें न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हेमा कोहली भी शामिल होंगे। शीर्ष अदालत ने इस मामले को ‘हिंसा में जीवन की हानि’ के रूप में मामला दर्ज किया है।

कोर्ट ने प्रेस की रिपोर्ट्स और चिट्ठी मिलने पर संज्ञान लिया है। इस हिंसा को लेकर मंगलवार को यूपी के दो वकील शिव कुमार त्रिपाठी और सीएस पांडा ने सीएजेआई को चिठ्ठी लिखकर इस मामले की हाई इंक्वारी द्वारा जांच करने की मांग की थी। हालांकि इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है इस चिठ्ठी के बाद कोर्ट ने संज्ञान लिया है या स्वत: ही संज्ञान लिया है।

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी में रविवार को हुई हिंसा में चार किसान समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। हजारों की संख्या में केंद्रीय मंत्री का विरोध करने पहुंचे किसानों पर मंत्री के बेटे की थार गाड़ी ने टक्कर मार दी थी, जिसके में 8 लोग मारे गए थे। किसानों ने केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में रविवार को हुई हिंसा को लेकर केस दर्ज कराया है।

किसानों नेताओं ने आरोप लगाया था कि मंत्री के बेटे के काफिले में शामिल वाहनों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को कुचल दिया था। जिसके बाद हिंसा भड़कने ने 4 किसानों के आलावा काफिले में शामिल चार अन्य लोग मारे गए थे। लखीमपुर पुलिस ने इस हिंसा में केन्द्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन पर धारा 302, 120बी और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ने मंगलवार को स्‍वीकार किया था कि उत्‍तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में जिस कार ने किसानों को कुचला था वह उनकी थी लेकिन वे या उनका बेटा (आशीष मिश्रा) घटना के समय मौजूद नहीं थे।

LALIT YADAV

ललित यादव  'The Alwar News' से जुड़े हैं। ऑनलाइन पत्रकारिता में काम करने का पांच वर्ष का अनुभव है। दिल्ली के कई मीडिया संस्थान में काम कर चुके हैं।
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