कुछ महिलाओं को अकेले में देते थे लड़का पैदा करने की दवा, लोगों का आरोप- करता था गलत काम

कुछ महिलाओं को अकेले में देते थे लड़का पैदा करने की दवा, लोगों का आरोप- करता था गलत काम

यौन शोषण के मामले में जेल मेें बंद फलाहारी बाबा कई कारनामे सामने आ रहे हैं। बाबा ने पुत्र पैदा करने की दवा देने के नाम पर प्रसिद्धि हासिल की थी। आश्रम परिसर में बकायदा समारोह आयोजित कर ये दवा दी जाती रही है। अंतिम बार गत अगस्त के तीसरे सप्ताह में ये दवा दी गई थी। यूं तो कार्यक्रम सबके सामने होता था लेकिन बाद में कुछ महिलाओं से इस बहाने बेहद निजी बातें भी की जाती थी

दवा मौके पर पिलाई जाती थी और कई परहेज भी बताई जाती थी। पहले यह प्रचार किया जाता था कि इस दवा के लेने से बेटा होगा। लेकिन, लिंगभेद कानून सख्त होने के बाद से कानून के डर से सार्वजनिक रूप से यह कहने से बचा जाता था। बाबा और उसकी खास मंडली कहती थी कि ये दवा लेने से नि:संतान दम्पती को संतान होगी।

रामकिशन कॉलोनी स्थित मधुसूदन आश्रम में फलाहारी बाबा कई वर्षों से संतान प्राप्ति की दवा देते आ रहे हैं। ये दवा बाबा की ओर से एक विशेष तिथि पर दी जाती थी और इसकी घोषणा भी पहले से की जाती थी। इस कारण निर्धारित तिथि से पहले ही लोग अलवर स्थित उनके आश्रम पहुंचने लगते थे। इस दौरान बाबा का एक खास शिष्य महिलाओं से पति -पत्नी के बीच के कई राज भी पूछता था। अलवर का एक वैद्य ये दवाइयां बनाता था और बाबा महिलाओं को अपने हाथ से दवाई देता था।

अलवर के लादिया मोहल्ले के शिव मंदिर में सोमवार सुबह ८ से ९ बजे के बीच १३५ अनुयायियों को संकल्प दिलाकर गुरु- शिष्य के बंधक से मुक्त कराया गया। लोगों ने कहा कि यदि शिष्य गलत कार्य करता है तो गुरु को भोगना पड़ता है। यदि गुरु गलत कार्य करता है तो शिष्य को भोगना पड़ता है। फलाहारी के शिष्यों ने गुरु के दुष्कृत्य के फल से बचने के लिए उनका तिरस्कार किया है।

जेल में मिला बाबा को आरओ का पानी व केले
अलवर केंद्रीय कारागार में सोमवार को फलाहारी बाबा को पीने के लिए आरओ का पानी व खाने के लिए केले मिले। इससे पूर्व फलाहारी के वकील ने जेल में बाबा को फल व गंगाजल देने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाया था। इस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देने को कहा था। वहीं, पुलिस ने बाबा के आश्रम से मिले इलेक्ट्रोनिक उपकरणों को जांच के लिए लैब में भेज दिया है। जेल में बाबा को पीने के लिए एक गेलन आरओ का पानी व खाने के लिए केले दिए गए।

हालांकि आधिकारिक रूप से जेल प्रशासन की तरफ से इसकी जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन सूत्रों ने बताया कि बाबा चुपचाप जमीन पर लेटे रहते हैं। वहीं बाबा के वकील अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि जेल में बाबा को गंगाजल व फल देने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाया था

इस पर सोमवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि जेल अधीक्षक को इस सम्बंध में पत्र दिया जाए। वो अपने हिसाब से फैसला ले सकते हैं। उनके फैसले से संतुष्ट नहीं होते हैं तो कोर्ट की शरण ले सकते हैं। शर्मा ने कहा कि जेल नियम राजस्थान प्रिजंस १९५१ का नियम २२३ के तहत विचाराधीन कैदी प्राइवेट तौर पर अपने भोजन व विस्तर की व्यवस्था कर सकता है।

खाद्य पदार्थ उसके स्वास्थ्य के लिए हानीकारक नहीं होने चाहिए। जो भी खाद्य पदार्थ व सामान बंदी को उपलब्ध कराया जाए। उसकी जांच जेल प्रशासन की तरफ से की जाएगी। दूसरी तरफ बाबा के आश्रम से मिले मोबाइल फोन, लैपटॉप व अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरण को जांच के लिए लैब में भेजा गया है। जेल में बाबा का स्वास्थ ठीक है।

जांच में सामने आ सकते हैं कई राज
जानकारों की मानें तो पुलिस की जांच का दायरा बढ़ा तो कई अन्य राज भी सामने आ सकता है। हां, बाबा संतान होने की दवा देते थे-यह बात सही है कि फलाहारी बाबा अपने हाथों से महिलाओं को संतान होने की दवा देते थे। यह दवा नि:शुल्क दी जाती थी। इस दवा को लेेने कई प्रदेशों से लोग आते थे। सुदर्शनचार्य, फलाहारी के शिष्य

LALIT YADAV

ललित यादव  'The Alwar News' से जुड़े हैं। ऑनलाइन पत्रकारिता में काम करने का पांच वर्ष का अनुभव है। दिल्ली के कई मीडिया संस्थान में काम कर चुके हैं।
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