कोटकासिम में ही बनेगा एयरपोर्ट, दो महीने में तैयार होगी डीपीआर

कोटकासिम में ही बनेगा एयरपोर्ट, दो महीने में तैयार होगी डीपीआर

ललित यादव. जिले में करीब सात वर्ष से किए जा रहे एयरपोर्ट के दावों की हवा निकलती नजर आ रही है। हाल ही होने जा रहे हैं विधानसभा चुनावों में एयरपोर्ट के नाम पर वोट मांगने का काम बखूबी किया जाएगा। लेकिन इस प्रोजेक्ट को धरातल पर लाना कोसों दूर है। विधानसभा और उपचुनाव में इस मुद्दे को लेकर वोट मांगा गया, लेकिन एयरपोर्ट करीब सवा साल से डीपीआर में फंसा हुआ है। अभी तो DMRC का प्रोजेक्ट धरातल पर लाने के साथ हजारों करोड़ का निवेश सपने के समान बना हुआ है। DMRC द्वारा करीब पांच सालों से जमीन अवाप्त की जा चुकी है। लेकिन अभी तक किसी किसान को अवाप्ति का पैसा नहीं मिला है। लेकिन सरकार द्वारा किए जा रहे दावों का 5 प्रतिशत भी अभी पूरा नहीं किया गया है। एयरपोर्ट के लिए चिन्हित 14 गांवों की जानकारी एयरपोर्ट ऑर्थोरिटी ऑफ इंडियाय अधिकृत रूप से जारी करेगा।

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पर्यावरण मंजूरी भी नहीं – अभी एयरपोर्ट में शामिल क्षेत्र की पर्यावरण मंजूरी भी नहीं हो सकी है। केवल डीपीआर बनाए जाने की बात दोहराई जा रही है। वैसे असल में एयरपोर्ट की हकीकत डीएमआईसी के अधिकारियों से भी दूर है।

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एयरो सिटी बनेगा अलवर – एयरपोर्ट के तकनीकी ड्राफ्ट के अनुसार यह एयरो सिटी होगा। एयरपोर्ट के साथ यहां बड़े होटल व मॉल होंगे। जिसे ग्रीन फिल्ड एयरपोर्ट कहा जाएगा। एक तरह से दिल्ली एयरपोर्ट के दबाव को देखते हुए इसका विस्तार होगा। इसमें दो एयर स्ट्रिप हो सकते हैं। जो कोर्गो व पैसेंजर दोनों तरह का होगा।

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डीपीआर का राज नहीं खुल रहा- एयरपोर्ट बनाने का लेकर एयरपोर्ट ऑफ ऑर्थोरिटी ऑफ इंडिया ने सर्व किया है। डीएमआईसी के जरिए 14 गांवों का रिकॉर्ड मांगा है। उनके आधार पर डीपीआर बनाने का कार्य चल रहा है। करीब सवा साल से डीपीआर बनाने की बात की जा रही है। जिसका राज सिर्फ ऑथोरिटी के अधिकारियों के अलावा किसी के पास नहीं है। हालांकि डीएमआईसी के अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट बनेगा जरुर चाहे विलंब हो जाए। उनके अनुसार दो महीने में डीपीआर तैयार हो सकेगी। इसके बाद केंद्र व राज्य सरकार के बीच एमओयू होगा। फिर किसानों को जमीन के बदले किए जाने वाले मुआवजे पर निर्णय होगा।

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तिजारा व कोटकासिम में बनेगा एयरपोर्ट- एयरपोर्ट ऑफ ऑर्थोरिटी ऑफ इंडिया व डीएमआईसी राजस्थान के अधिकारियों की बात मानें तो तिजारा व कोटकासिम में करीब 14 गांवों की सीमा में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से 5 गांव की जमीन पर एयरपोर्ट बनेगा। जिसका असर 14 गांवों की सीमा पर रहेगा। जबकि उप चुनावों से पहले किशनगढ़बास के आसपास एयरपोर्ट बनाने के दावे किए गए तो कभी भिवाड़ी व कभी अलवर के लिए ऐसे दावे किए जाते रहे हैं।

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14 गांवों की जानकारी मांगी –  “हमने तिजारा और कोटकासिम के 14 गांवों की जानकारी एयरपोर्ट ऑफ ऑर्थोरिटी ऑफ इंडिया को दी है। करीब 2000 हैक्टेयर जमीन में एयरो सिटी बनेगा। पांट गांव पूरी तरह से विस्थापित होंगे” – वीरेन्द्र यादव.(अतिरिक्त आयुक्त, डीएमआईसी)

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LALIT YADAV

ललित यादव  'The Alwar News' से जुड़े हैं। ऑनलाइन पत्रकारिता में काम करने का पांच वर्ष का अनुभव है। दिल्ली के कई मीडिया संस्थान में काम कर चुके हैं।
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