अलवर जिले के नए कलेक्टर होंगे डॉ. जितेंन्द्र सोनी, जानिए इनके 5 सबसे अद्भुत कार्य

अलवर जिले के नए कलेक्टर होंगे डॉ. जितेंन्द्र सोनी, जानिए इनके 5 सबसे अद्भुत कार्य

Dr. Jitendra Soni: राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में बदलाव किया गया है। सरकार ने सोमवार को 29 आईएएस ट्रांसफर किए। इस दौरान अलवर जिले के वर्तमान कलेक्टर नकाते शिवप्रसाद मदन को रीको का एमडी बना दिया गया है और डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी को अलवर का नया कलेक्टर बनाया गया है। फिलहाल डॉ. सोनी एनएचएम के मिशन निदेशक पद पर कार्यरत हैं। डॉ. सोनी अब तक नागौर, झालावाड़, जालोर जैसे जिलों में कलेक्टर रह चुके हैं।

डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी का जन्म और परिवार
डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी का जन्म 29 नवंबर 1981 को धनासर गांव में जो कि हनुमानगढ़ में है हुआ था। यह किसान परिवार से आते हैं। इनके पिता जी का नाम मोहनलाल सोनी है जो कि किसान है।

डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की शिक्षा
डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी ने काफी मेहनत कर अपने माता-पिता का नाम रोशन किया। इन्होंने अपनी हाई स्कूल की पढ़ाई अपने मूल स्थान पर रहते हुए की। किसान परिवार होने के कारण इनकी स्कूली शिक्षा सरकारी स्कूल में हुई है। डॉ. सोनी ने सरकारी स्कूल में टॉप भी किया था। डॉ. सोनी फिलोसॉफी, पॉलिटिकल साइंस और पब्लिक पॉलिसी में एमए के साथ ही पॉलिटिकल साइंस में नेट-जेआरएफ व पीएचडी है। यह काव्य कार भी हैं। उम्मीदों के चिराग और यदावरी जैसी इनकी कुछ काव्य रचनाएं हैं। राजस्थानी काव्य संग्रह ‘रणखार’ के लिए भी सम्मानित किया गया। डॉ सोनी को फोटोग्राफी का शौक है। नीचे इनके द्वारा खींची गई कुछ तस्वीरें

डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी द्वारा किए गए पांच सराहनीह कार्य

1. जितेंद्र कुमार सोनी ने करिअर की शुरुआत 2014 में पहली पोस्टिंग बतौर जालौर जिले में कलेक्टर के रूप में हुई। इनके द्वारा जालौर जिले में एक योजना ‘चरण पादुक’ शुरू कि गई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य था कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले सभी बच्चों के पैर में जूते होने चाहिए। कोई भी बच्चा बिना जूते के ना रहे। सोनी के इस नवाचार से पूरे देश में एक अच्छा संदेश गया और यह एक सफल योजना रही। भामाशाहों की मदद से डॉ. सोनी अब तक लाखों बच्चों को चरण पादुका पहना चुके हैं।

2. जितेंद्र कुमार सोनी ने झालवाड़ा जिले में ‘सांझी खुशियां’ नाम की एक पहल शुरू की, जिसका उद्देश्य था कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्वेटर बांटी जाए। चरण पादुका अभियान के साथ यह अभियान भी सफल रहा। इस अभियान का उद्देश्य था कि कोई भी दानदाता अपनी तरफ से गरीब बच्चों को जूता मोजा दान कर सकता है

3. जितेंद्र कुमार सोनी ने पाली जिले में कलेक्टर के पद पर रहते हुए भी एक योजना की शुरुआत की थी, जिसका नाम था ‘स्कूल ऑन व्हील्स’। बाद में इस योजना को विद्यावाहिनी का नाम दिया गया, इस योजना के माध्यम से सभी स्कूल के बच्चों में प्रोजेक्टर लगाए गए और उन प्रोजेक्टर में पढ़ाई से संबंधित वीडियो क्लिप चलाई जाती थी। इसके साथ ही झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बच्चों के लिए यह स्वयं पढ़ाने जाते थे।

4. जब डॉ सोनी की पोस्टिग माउंट आबू की गई थी तब इन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी बहुत सारे प्रयास किए थे। जालौर जिले में एक कलेक्टर पोस्टिंग को दौरान बाढ़ के दौरान इन्होंने अपनी जान दांव पर रख 8 लोगों की जान बचाई थी। इस सराहनीय काम के लिए इन्हें राजस्थान सरकार द्वारा उत्तम जीवन रक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

5. बतौर कलेक्टर झालवाड़ा जिले में तैनात थे उस समय इन्होंने दुर्लभ ब्लड ग्रुप O नेगेटिव के लोगों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने का प्रयास किया था। इन्होंने यह पहल व्हाट्सएप के माध्यम से शुरू की थी लेकिन वर्तमान समय में यह एक एप्लीकेशन बन चुकी है जिसका नाम ‘रक्तकोष‘ है जिसके जरिये 24×7 सुविधा प्रदान करती है।

 

Lalit Yadav

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